Live-In Relationship Me Rahne Se Pahle Kare Agreement, Baad Me Na Aaye Koi Problem - Hindi Love Tips

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Tuesday, May 29, 2018

Live-In Relationship Me Rahne Se Pahle Kare Agreement, Baad Me Na Aaye Koi Problem

Live-In-Relation Ke Baare Me High-Court Advocate Sanjay Mehara Ki Advice

Live-In Relationship Me Rahna Ab Common baat Ho Chuki Hai, Kai Couple Shadi Se Pahle Ak-Dusre Ko Jaanne Ke Liye Bhi Live-In Me Rahte Hai, High-Court Advocate Sanjay Mehra Ne Bataya Ki Live-In Relationship Ko वैधानिक मान्यता De Di Gayi Hai, Koi Bhi Ladka-Ladki yadi Long Time Se Live-In Me Ak-Dusre Ke Sath Rahte Hai To Female Partner Maintenance (भरण-पोषण) Ka Dava Bhi Kar Sakti Hai.
Live-In Relationship advice
यदि कोई एडल्ट कपल बिना शादी के एक दूसरे के साथ रह रहे हैं तो इसे लिव-इन रिलेशनशिप कहा जाएगा। इसके लिए जरूरी है कि ऐसे कपल मानसिक तौर पर सही हो और अपना अच्छा बुरा समझते हो।

लिव-इन रिलेशनशिप की कानूनी मान्यता के लिए जरूरी है कि कपल सालों से एक साथ रह रहे हो।

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए हमेशा एक साथ रहने का कोई बंधन नहीं होता। इन्हें अलग होने के लिए तलाक जैसी कीसी प्रक्रिया से भी नहीं गुजरना होता।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लड़का-लड़की लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं उन्हें अपने पार्टनर के साथ एग्रीमेंट करना चाहिए। फॉरेन में ऐसा होता है।

अगर इस रिलेशनशिप के चलते यदि आपको बीच में ही अकेला रहना पड़े तो उसके लिए अपने-आप को पहले से ही मजबूत बना कर रखिए। तभी आप सफल लिव-इन रिलेशनशिप में रह पाएंगे।

अगर कोई लड़की लिव-इन में रहने के दौरान मेंटेनेंस (भरण-पोषण) चाहती है तो उसे कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। जैसे; वह मेंटेनेंस का दावा तभी कर सकती है जब वह लंबे समय से पति-पत्नी के तौर पर रह रहे हो। मेंटेनेंस लेने के लिए शादी की कानूनन उम्र को पूरा करना भी जरूरी है।

 साथ ही, ऐसे कपल को समाज के सामने पति-पत्नी के तौर पर साथ आना भी जरूरी है। दोनों के बीच का रिश्ता ऐसा हो की कानूनन रूप से वह एक-दूसरे को अपना सके। इन शर्तों को पूरा करने पर ही कोई मेंटेनेंस के लिए दावा कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, दो लोग यदि लंबे समय से एक दूसरे के साथ रह रहे हैं और उनके बीच संबंध हैं, तो उन्हें शादीशुदा ही माना जाएगा।

लिव-इन में रहते हुए कोई महिला के साथ मारपीट या उसका शारीरिक, मानसिक शोषण नहीं कर सकता। अन्य किसी तरह की घरेलू हिंसा नहीं कर सकता। ऐसे में  संबंधित महिला शिकायत कर सकती है।

लिव-इन रिलेशनशिप का अलग से अभी तक कोई कानून नहीं बना है। अलग अलग समय में कोर्ट ने याचिकाओं के आधार पर निर्णय सुनाऐ है।

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने से पहले इस बात पर गौर कर ले की कहीं आपका पार्टनर सिर्फ आपका यूज तो नहीं कर रहा है।

इस बारे में भी सोचे कि कहीं पैसा या सिर्फ मन बहलाने के लिए तो कोई आपके साथ लिव-इन में नहीं आना चाहता।

आप लिव-इन में रहना शुरु कर चुके हैं तो पार्टनर की लॉयल्टी और ऑनेस्टी को परखे। यह एक तरह से आपकी शादी के लिए टेस्ट हो सकता है। इस दौरान आपको पता चलेगा कि आप शादी के बंधन में बंधने के लिए रेडी है या नहीं।

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दोनों पार्टनर अपनी-अपनी जरुरत के हिसाब से सेविंग करते हैं। शादी जैसे मनी मैटर्स लिव इन में इतने पेचीदा नहीं होते।

आपके अंतरंग फोटो या वीडियो का इस्तेमाल आपका पार्टनर आप के खिलाफ कर सकता है। लिव-इन में रहते हुए इन बातों को भी आप ध्यान रखें।

लिव-इन रिलेशन में रह रहे है तो घर वालों के रिएक्शन के लिए पहले से ही तैयार रहें। फैमिली मेंबर को कैसे कन्विंस करना है, यह पहले से ही सोच ले। फैमिली को कन्विंस करने के लिए आपके साथ आपके पार्टनर को भी तैयार होना होगा।

लिव-इन रिलेशन में होते हुए सोसाइटी में रहना भी आसान नहीं। ऐसा होने पर लोग तरह-तरह के सवाल करते हैं। पूछताछ करते हैं। शक निगाह से देखते हैं। आपको इन सभी सिचुएशन के लिए रेडी होना होगा।-संजू डंगर

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